शक्ति

Poem by Maya Gola
– माया गोला

एक बच्चे को जन्म देने से पहले
एक बच्चे को जन्म देने के दौरान
एक बच्चे को जन्म देने के बाद
समय के वे घंटे
जिनका हिसाब नहीं रखती है स्त्री
या रख नहीं पाती है
बर्फ की तरह पिघल जाते हैं
कभी वापस न आने को उसके पास
बावजूद इसके
अपने सीमित समय में
कर डालती है फतह
कई असीमित ऊँचाइयों वाले पहाड़
(Poem by Maya Gola)