हमारी दुनियाँ

वायुसेना में महिला पायलट के स्थायी कमीशन पर निर्णय एक साल में

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने लोकसभा में कहा कि भारतीय वायु सेना में महिला पायलट के स्थायी कमीशन पर निर्णय एक साल के भीतर ले लिया जायेगा। महिला फाइटर पायलट से जुड़े एक  पूरक सवाल का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि तीन महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में स्टेट दो की ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी शार्ट र्सिवस में प्रायोगिक तौर पर शामिल किया है जिससे स्थायी कमीशन से पहले सामने आने वाली दिक्कतों के बारे में पता लगाया जा सकेगा।

आम सहमति से अगली दलाई लामा हो सकती है महिला

24 अप्रैल 2016 को प्रसारित साक्षात्कार में सी.एन.एन. न्यूज एटीन की पत्रकार द्वारा पूछे गये प्रश्न के उत्तर में तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने कहा है कि अगले दलाई लामा के चुनाव के लिए कुछ वर्षों में सभी सम्बन्धित पक्ष निर्णय लेंगे और इस प्रकार अगला दलाई लामा अवतार न लेकर आम सहमति से उक्त बैठक में चुना जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह भी सम्भव है कि अगली दलाई लामा कोई महिला हो। उन्होंने मत व्यक्त किया कि महिलाओं को विश्व राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और उनका मानना है यदि अधिकांश देशों की बागडोर महिलाओं के हाथ में चली जाये तो संसार अधिक सुरक्षित हो जायेगा।

नौ सेना में मिला स्थायी कमीशन

सैन्य बलों में महिलाओं को बराबर अवसर देने के क्रम में नौ सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दे दिया है। नौसेना ने 2008-2009 में शार्ट सर्विस कमीशन के जरिये शिक्षा और नेवल कांस्ट्रक्टर कैडर में भर्ती हुयी सात महिलाओं को स्थायी  कमीशन दिया है।  महिलाओं को तैनाती के लिए पहले कार्यालयी कार्य और शांतप्रिय जगहों पर भेजा जायेगा। इस कदम से महिलाओं में उत्साह बढ़ा है और आशा की जा रही है कि आने वाले समय में तीनों सेनाओं में स्थायी कमीशन पाने वाली महिला सैनिकों की संख्या बढ़ेगी। नौसेना आने वाले समय में महिलाओं को पी-8 आई, डोर्नियर जैसे विमानों में पायलट बनने का भी अवसर देगी। 1992 में र्निसंग और चिकित्सा को छोड़कर अन्य स्थानों एविएशन, लॉजिस्टिक सपोर्ट, लीगल, कम्युनिकेशन, इंजीनिर्यंरग में महिलाओं को अस्थायी कमीशन देने का निर्णय हुआ था। 2007 से नौसेना, सेना  तथा वायुसेना  ने नर्सिंग के अलावा  अन्य ब्रांचों में स्थायी कमीशन देने के सम्बन्ध में प्रयास शुरू किया था। सैन्य बल ने महिलाओं के लिए अपनी आठ शाखाओं में भर्ती के लिए दरवाजे खोले हैं।

नक्सल क्षेत्र में महिला कमांडो

देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 560 से अधिक महिला कमांडो को भेजने की तैयारी कर रहा है। इससे महिलाओं के प्रति बनी एक और रूढ़िवादी सोच की परम्परा टूटेगी। नक्सलियों के खिलाफ इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने के लिए 567 महिलाओं ने राजस्थान के अजमेर में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। सीआरपीएफ के महानिदेशक के. दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि इस पूरे बैच को नक्सल प्रभावित इलाकों में कंपनी फार्मेशन के तरीके से (एक समय में 100 प्रशिक्षित महिलाओं को) उनके सेवाकाल के प्रारम्भिक सालों में ही सबसे कठिन अभियान की जिम्मेदारी सौपी जा रही है।

आई. टी. बी. पी. में युद्धक महिलायें

अभी तक अर्धसैनिक बल में महिलाओं को निरीक्षणात्मक युद्धक की भूमिका नहीं दी जाती थी, परन्तु अब महिलाओं को भी आई.टी.बी.पी. में लड़ाकू अफसर की भूमिका निभाने को मिलेगी। गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर आई.टी.बी.पी. में महिलाओं का डायरेक्ट एंट्री ऑफिसर के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है, जिससे महिलाएं सभी पांच केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में जल्द ही अफसर के रूप में लड़ाकू भूमिका में नजर आयेंगी। हाल ही में सरकार ने अद्धसैनिक बलों में महिलाओं को कांस्टेबल स्तर पर भर्ती में आरक्षण दिया था। अब सी.आर.पी.एफ. और सी.आई.एस.एफ. में महिलाएं यू.पी.एस.सी. द्वारा डायरेक्ट एंट्री ऑफीसर के लिए आवेदन कर सकती हैं। बी.एस.एफ. में महिला अधिकारियों की भर्ती 2013 और सशस्त्र सीमा बल में 2014 में ही शुरू हो गयी थी।

सबसे लम्बी उड़ान

उत्तराखण्ड की क्षमता वाजपेयी ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एयर इंडिया की ओर से चलाई गई दुनिया की सबसे लम्बी आल वूमेन फ्लाइट का नेतृत्व किया। उनके निर्देशन में टीम ने 17 घंटे में 14 हजार 5 सौ किमी. का सफर तया कर नया रिकॉर्ड कायम किया। क्षमता 1966 में बतौर पायलट एयर इंडिया  में शामिल हुईं। 2004 में पहली बार् सिंगापुर में ऑल वुमन फ्लाइट में क्षमता बतौर पायलट शामिल थीं। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दुनिया की सबसे लंबी वुमन फ्लाइट में कॉकपिट से लेकर केबिन क्रू चेक इन स्टॉफ, चिकित्सक, कस्टमर केयर स्टॉफ, एयर ट्रेफिक कंट्रोल और संचालन सभी की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं ने ही संभाली। इस फ्लाइट को दिल्ली से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक क्षमता वाजपेयी ने कमांड किया।

डांस बार पर नया कानून

डांस बार में महिलाओं के साथ होने वाली अश्लीलता को रोकने के लिए महाराष्ट्र राज्य सरकार नई नियमावली बना रही है। इसके तहत यदि बार में किसी ग्राहक ने बार बाला को छुआ तो उसे छह माह की सजा या पचास हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा जो बार बालाओं पर पैसे उड़ाते हैं। महाराष्ट्र में डांस बारों से प्रतिबंध हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फै सले के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय समिति गठित की गई। यह समिति डांस बार के नियमों के लिए नया ड्राफ्ट तैयार कर रहीं है। इस बैठक में कहा गया है कि बार बालाओं के उत्पीड़न के अपराध को गैर जमानती श्रेणी में रखा जायेगा और इसे विधेयक के तौर पर मौजूदा बजट सत्र में पेश किया जायेगा। इस नये कानून से बार बालाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोका जा सकेगा।

जंगलों के लिए महिलाओं का सामूहिक प्रयास

रानीखेत के उपमंडल के गैरगाँव की महिलाएँ मिलकर वनों को आग से बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहीं हैं। गैरगाँव का जंगल 481 हेक्टेअर में फैला है। उसमें से 241 हेक्टेअर क्षेत्र बाँज के वन हैं और 14 वन पंचायतें हैं। यहाँ की महिलाओं के सामूहिक प्रयास से वन क्षेत्र सुरक्षित हैं। महिलाएँ वनों की आग से सुरक्षा के लिए खेतों का कूड़ा अपने सामने नष्ट करवाती हैं और वनों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों पर भी नजर रखती हैं। विशना देवी जो कि गैरगाँव के नौघर तोक में रहती हैं, पिछले पाँच सालों से लगातार वनों की आग बुझाने का कार्य कर रही हैं। महिलाओं के जागरूकता अभियान से उन्हें इस काम में वन विभाग व ग्रामीणों का सहयोग भी मिलता है।

नहीं मिलेगी किराये की कोख

किराये की कोख (सेरोगेसी) के बढ़ते व्यसायीकरण को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि विदेश में रहने वाले भारतीय दंपति को किराये की कोख नहीं मिलेगी। इससे बच्चों के हितों की भी रक्षा हो सकेगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह प्रस्ताव रखा है। केन्द्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि अब केवल भारत में रह रहे भारतीयों को ही सेरोगेसी का लाभ मिलेगा। सेरोगेसी के व्यवसायीकरण के मद्देनजर ही अब अनिवासी भारतीयों को भारत में सेरोगेसी की इजाजत नहीं दी जायेगी क्योंकि विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक जिन देशों में रहते हैं, वहाँ सेरोगेसी को मान्यता प्राप्त नहीं है और वे देश बच्चों को वीजा और नागरिकता देने से मना कर देते हैं। उन्होंने बताया कि ‘द असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) बिल, 2016’ को अंतिम रूप दे दिया गया है और चालू सत्र में ही इस विधेयक को सदन में रखा जायेगा। इस फैसले के बाद 2015 में विदेश में रहने वाले भारतीयों को सेरोगेसी के लिए मिली इजाजत को बरकरार नहीं रखा जा सकेगा।

महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से नहीं रोक सकते

महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित प्रसिद्ध शनि सिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी के मुद्दे पर बांबे हाईकोर्ट ने कहा कि महिला अधिकारों का संरक्षण करना सरकार का दायित्व है। यदि पुरुष मंदिर में प्रवेश कर सकता है तो महिलाओं को इससे नहीं रोका जा सकता। अगर कोई उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोकता है तो सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करे। महाराष्ट्र हिंदू पूजा स्थल (प्रवेश अधिकार) एक्ट 1956 के तहत यदि कोई मंदिर या व्यक्ति किसी को भी मंदिर में प्रवेश् से रोकता है तो उसे छह महीने की सजा का प्रावधान है। बांबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित प्रसिद्ध शनि सिंगणापुर मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर लगाई गई रोक से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता विद्या बाल ने दायर की है। मुख्य न्यायाधीश डी.एच. वाघेला व न्यायमूर्ति एम.एस. सोनक की खंडपीठ ने कहा कि मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तो सरकार इस बारे में बयान जारी करे। अन्यथा सरकार स्पष्ट करे कि जिस मंदिर में पुरुषों को प्रवेश की अनुमति है उस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जब कानून में महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने पर रोक नहीं है तो उन्हें मंदिर के भीतर जाने से कैसे रोका जा सकता है।

शराब की पाँच सौ दुकानें बंद करने के आदेश

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद महिला लाभार्थियों को स्वर्ण आबंटन बढ़ाने और तमिलनाडु राज्य को विपणन परिषद् के शराब की दुकानों पर कामकाज का समय कम करने, सरकारी शराब की करीब पाँच सौ दुकानों को बंद करने के अलावा बार के समय को भी कम करने के आदेश दिए। अब शराब की दुकानें और बार दोपहर से रात दस बजे तक चलेंगे।
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